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Monday, 3 February 2020

मोहन जी केॅ हँसीया कि मोहन जी के बँसिया,

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मोहन जी केॅ हँसीया कि मोहन जी के बँसिया, (2)/दुहूँ डारे.........
गोपिनी गरें फँसिया, कि दुहूँ डारे ।। धुन ।।
नैना तिरिछिया कि कदम्ब बिरिछिया, (2)/दुहूँ मारे........
नारी हियराँ बरछिया कि दुहूँ मारे ।। धुन ।।
शामली सुरतिया कि कपट पिरितिया, (2)/दुहूँ नाशेॅ........
कामिनी कुल जतिया कि दुहूँ नाशे ।। धुन ।।
भवप्रीताक मतिया कि भवप्रीताक गतिया, (2)/दुहूँ करें........
युगल चरणें बसतिया कि दुहूँ करेॅ ।।


नाचत कन्हैया

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अंगना में नन्दरैया, देखी-देखी नितरैया, दैया, नाचत कन्हैया ।।
ताली देथीं जशोमती मैया, रे दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
झमकी-ठमकी तातकथैया, रे दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
नीलमणि लजवैया, नाँगटे देहा शोभैया, दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
बथंना केॅ धूरी धुसरैया, रे दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
चूड़ा में मोर पाँखैया, हाथें बलैया, दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
दाँड़ा-पैरीं घुँघरू पिन्हैया, रे दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
वेदान्त निचोरैया, नाचे भुवन गोसैयाँ, दैया ।। नाचत कन्हैया ।।
भवप्रीताक नैया खेवैया, रे दैया ।। नाचत कन्हैया ।।


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