Showing posts with label Krishandev Prasad. Show all posts
Sunday, 9 February 2020
मगध जननी (तर्ज झूमाड़)
मगध जननी
(तर्ज झूमाड़)
सुन्दर बसुधा
मगध जननी
(मोर) जलमधरनी
जहां सुख देहे प्रकृति दिवस रजनी ॥1॥
उत्तम धरनी
मनोहरनी
बनी माधवनी
से हो लाजे लजाय लखे अवनी ॥2॥
जयति जयति मगध देस।
जयति जयति मगध देस।
जयति जगति मगध देश॥1॥
सिन्धु मेखला वसुन्धराधिकार।
बोधिसत्व शान्तिपाठ सूत्रधार।
सेलूकस के मान चूर करनिहार।
मन के दे गड़ल विरोग के बिसार॥2॥
हे संसार के सिंगार
कभिं इजोर कभिं अंधर
विपद से न जीउ हार
अप्पन दीआ तनि नेस॥3॥
Subscribe to:
Posts
(
Atom
)