Monday, 3 June 2019

लत latt

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तुमसे बाते करने की लत यू लगी के
आज भी तुमको चिट्ठियां लिखा करती हूं
जबकि जमाना फ़ोन का है पर आदते बिगर जाए तो सुधरा नही करती,


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