पपीहा रे पीऊ की बोली ना सुनाव। मेरो पिया परदेस गए हैं ओही देस में जाव। पपीहा रे। आधी-आधी रतिया पिछली पहरिया। सोवत नीन्द ना जगाव। पपीहा रे। द्विज महेन्द्र विरहा की मारी नाहीं जले को जलाव। पपीहा रे।
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