Saturday, 1 February 2020

नेकी और बदी

No comments :


ईश पैंठ संसार यह दोही वस्‍तु बिकाय।
व्यवपारी मनु जीव है जो चाहै लै जाय।।
जा चाहै लै जाय विभव कछु काम न आवै।
ईश करैं वहं न्‍याय कर्म का फल भुगतावै।।
कहैं रहमान बदी सग लैहौ नर्क परै तोरे शीश।
लीजौ नेकी जगत महं स्‍वर्ग देंय तुम्‍हें ईश।।


No comments :

Post a Comment

{js=d.createElement(s);js.id=id;js.src=p+'://platform.twitter.com/widgets.js';fjs.parentNode.insertBefore(js,fjs);}}(document, 'script', 'twitter-wjs');