Wednesday, 19 February 2020
आगही में इक ख़ला मौजूद है
आगही में इक ख़ला मौजूद है
इस का मतलब है ख़ुदा मौजूद है
है यक़ीनन कुछ मगर वाज़ेह नहीं
आप की आँखों में क्या मौजूद है
बाँकपन में और कोई शय नहीं
सादगी की इंतिहा मौजूद है
है मुकम्मल बादशाही की दलील
घर में गर इक बोरिया मौजूद है
शौक़िया कोई नहीं होता ग़लत
इस में कुछ तेरी रज़ा मौजूद है
इस लिए तनहा हूँ मैं गर्म-ए-सफ़र
क़ाफ़िले में रह-नुमा मौजूद है
हर मोहब्बत की बिना है चाशनी
हर लगन में मुद्दआ मौजूद है
हर जगह हर शहर हर इक़्लीम में
धूम है उस की जो ना-मौजूद है
जिस से छुपना चाहता हूँ मैं 'अदम'
वो सितम-गर जा-ब-जा मौजूद है.
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