Monday, 3 February 2020

प्यारी (विलाप) / भिखारी ठाकुर

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हाय हाय राजा कैसे कटिये सारी रतिया
जबले ग‍इले राजा सुधियो ना लिहले, लिखिया ना भेजे पतिया ।। हाय हाय....
हाय दिनवां बितेला सैयां बटिया जोहत तोर, तारा गिनत रतियाँ ।। हाय हाय...
जब सुधि आवै सैयां तोरी सुरतिया बिहरत मोर छतिया ।। हाय हाय...
नाथ शरन पिया भइले बेदरदा मनलेना मोर बतिया ।। हाय हाय...


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