Wednesday, 12 February 2020
उनका इंतजार करूँगी
मैं सजी संवरी रहूँगी
यू ही दहलीज मैं बैठी रहूँगी
उन्होंने वादा किया है आने का
मैं भी उनका इंतजार करूँगी
बालो मैं नित संदली गजरे लगाउंगी
काजल से ये अंखिया सजाऊंगी
रंगीन कपड़ो में उनकी पसंद का रंग पहनुगी
जब तक ना आये वो दिया यू ही जलाकर रखूंगी
उन्होंने वादा किया है आने का
मैं भी उनका इंतजार करूँगी
हलवे मैं बादाम थोड़े ज्यादा डालूंगी
सब्जी भी कुछ तीखी बना लुंगी
खुद से परखकर स्वाद चखकर ही दम लुंगी
रसोई की खिड़की से आंखे दरवाजे पर ही रखूंगी
उन्होंने वादा किया है आने का
मैं भी उनका इंतजार करूँगी
ताजे फूलो से गुलदान सजाना है
चोखट पे रंगोली भी बनानी है
रंगोली मैं नाचते मोर दिखाउंगी
बिन बादल का सावन दुनियॉ को दिखाउंगी
उन्होंने वादा किया है आने का
मैं भी उनका इंतजार करूँगी
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