Friday, 30 November 2018

अम्मां बाबे दी भलिआई, उह हुन कंम असाडे आई ।

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अम्मां बाबे दी भलिआई, उह हुन कंम असाडे आई ।
अम्मां बाबा होर दो राहां दे, पुत्तर दी वड्याई ।
दाणे उत्तों गुत्त बिगुत्ती, घर घर पई लड़ाई ।
असां कज़ीए तदाहीं जाले, जदां कणक उन्हां टरघाई ।
खाए खैरातें फाटीए जुंमा, उल्टी दसतक लाई ।
बुल्ल्हा तोते मार बागां थीं कढ्ढे, उल्लू रहन उस जाई ।
अम्मां बाबे दी भलिआई, उह हुन कंम असाडे आई ।

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