माघ ले जनवरी जरूर कहे आवन को फागुन फरवरी मनभावन नहीं आयो री। चइत चारू मार्च बइसाख हूँ अप्रैल बीते जेठ ओ आसाढ़ मई जून हूँ बितायो री। सावन जुलाई भादो अगम अगस्त छाई कठिन कुआर जेा सितम्बर सतायो री। कातिक अक्टूबर घनस्याम नहीं आयो री।
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