Thursday, 23 January 2020

मेरे नयना भये चकोर .

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मेरे नयना भये चकोर .

अनुदिन निरखत श्याम चन्द्रमा सुन्दर नंदकिशोर .

तनिक भये वियोग उर बाढ़त बहु बिधि नयन मरोर.

होत न पल की ओट छिनकहूँ रहत सदा दृग जोर.

कोऊ न इन्हें छुडावनहारों अरुझे रूप झकोर .

हरिचन्द नित छके प्रेम रस जानत साँझ न भोर .


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