Friday, 4 January 2019
मय-ओ-मीना से यारियाँ न गईं , may oh meena se yaariya na gai
मय-ओ-मीना से यारियाँ न गईं
मेरी परहेज़गारियाँ न गईं
मर के भी ख़ाके-राहे-यार हुए
अपनी उल्फ़त-शुआरियाँ न गईं
अश्कबारी से सोज़े-दिल न मिटा
आह की शोलाबारियाँ न गईं
हुस्न की दिलफ़रेबियाँ न घटीं
इश्क़ की ताज़ाकारियाँ न गईं
सबने छोड़ा तुझे, मगर ’हसरत’
दर्द की ग़मगुसारियाँ न गईं
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