गाओ जो कुछ वेद ने गाया, गाना सार । जिसे ब्रह्म आगम कहें, सो सागर आधार ।। सो सागर आधार लहर परपंच पिछानो । फेन बुदबुद नाम जुड़े होने से मानो ।। गंगादास कहें नाम-रूप सब ब्रह्म लखाओ । अस्ति, भाति, प्रिय, एक सदा उनके गुन गाओ ।।
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