Monday, 24 April 2017
तू ही तू
तू ही तू
मेरी डगर मैं , मेरे नजर मैं
है तू ही तू
सपनो की राह मैं.
फूलो की छाव मैं
है तू ही तू
सपना सा लगे है ये जीवन मुझ को
तू ही बस अपन सा लगे है मुझको
मैं तुझको चाहु
तुझे ही तो पायु
हां तू ही तू
तुम बिन तो नींद आती नहीं
सपने भी तुम बिन भाते नहीं
तुम आ भी जाओ
गले से लगाओ
हां तू ही तू
मैं हु तेरी कई जनमो की प्यासी
जो तुझको देख भूली उदासी
तुम इन न चैन
न बीते ये रेन
है तू ही तू
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