Monday, 10 December 2018
जोसीड़ा ने लाख बधाई रे अब घर आये स्याम
जोसीड़ा ने लाख बधाई रे अब घर आये स्याम॥
आज आनंद उमंगि भयो है जीव लहै सुखधाम।
पांच सखी मिलि पीव परसिकैं आनंद ठामूं ठाम॥
बिसरि गयो दुख निरखि पियाकूं, सुफल मनोरथ काम।
मीराके सुखसागर स्वामी भवन गवन कियो राम॥
पाठांतर
जोसीड़ा णे लाख बधाया आस्यां म्हारो स्याम ।।टेक।।
म्हारे आणंद उमंग भर्यारी, जीव लह्यां सुखधाम।
पांच सख्यां मिल पीव रिझावां, आणंद ठामूँ ठांम।
बिसरि जावां दुख निरखां पियारी सुफल मनोरथ काम।
मीरां रे सुख सागर स्वामी, भवण पधाराया स्याम।।
आज आनंद उमंगि भयो है जीव लहै सुखधाम।
पांच सखी मिलि पीव परसिकैं आनंद ठामूं ठाम॥
बिसरि गयो दुख निरखि पियाकूं, सुफल मनोरथ काम।
मीराके सुखसागर स्वामी भवन गवन कियो राम॥
पाठांतर
जोसीड़ा णे लाख बधाया आस्यां म्हारो स्याम ।।टेक।।
म्हारे आणंद उमंग भर्यारी, जीव लह्यां सुखधाम।
पांच सख्यां मिल पीव रिझावां, आणंद ठामूँ ठांम।
बिसरि जावां दुख निरखां पियारी सुफल मनोरथ काम।
मीरां रे सुख सागर स्वामी, भवण पधाराया स्याम।।
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