Monday, 17 December 2018

मतवारो बादर आए रे, हरि को सनेसो कबहुँ न लाये रे।

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मतवारो बादर आए रे, हरि को सनेसो कबहुँ न लाये रे।।टेक।। 
दादर मोर पपइया बोलै, कोयल सबद सुणाये रे। 
(इक) कारी अँधियारी बिजली चमकै, बिरहणि अति डरपाये रे। 
(इक) गाजै बाजै पवन मधुरिमा, मेहा अति झड़ लाये रे। 
(इक) कारी नाग बिरह अति जारी, मीराँ मन हरि भाये रे।।

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