Friday, 21 December 2018

मेरी लाज तुम रख भैया

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मेरी लाज तुम रख भैया। नंदजीके कुंवर कनैया॥टेक॥
बेस प्यारे काली नागनाथी। फेणपर नृत्य करैया॥१॥
जमुनाके नीर तीर धेनु चरावे। मुखपर मुरली बजैया॥२॥
मोर मुगुट पीतांबर शोभे। कान कुंडल झलकैया॥३॥
ब्रिंदावनके कुंज गलिनमें नाचत है दो भैया॥४॥
मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। चरनकमल लपटैया॥५॥

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