Sunday, 23 December 2018

म्हाँ गिरधर आगाँ नाच्याँ री

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म्हाँ गिरधर आगाँ नाच्याँ री ।।टेक।।
णाच णाच म्हाँ रसिक रिझावाँ, प्रीत पुरांतन जांच्यां री।
स्याम प्रीत री बाँधि घूघर्यां मोहण म्हारो साँच्याँ री।
लोक लाज कुलरा मरज्यादाँ जगमाँ णेकणा राख्याँ री।
प्रीतम पर छब णा बिसरवाँ, मीराँ हरि रँग राच्याँरी ।।

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