Sunday, 16 December 2018
पिया थारो नाम लुभाणी जी
पिया थारो नाम लुभाणी जी।।टेक।।
नाम लेतां तिरतां सुण्यां जग पाहण पाणी जी।
कीरत कांइ णा किया, घमआ करम कुमाणी जी।
गणका कीर पढ़ावतां, बैकुण्ठ बसाणी जी।
अधर नाम कुन्जर लयां, दुख अवध घटाणी जी।
गरुण छांड पग घाइयां, पसुजूबण पटाणीं जी।
अजांमेल अध ऊधरे, जम त्रास णसानी जी।
पुतनाम जम गाइयां, गज मारा जाणी जी।
सरणागत थे वर दिया, परतीत पिछाणी जी।
मीराँ दासी रावली, अपणी कर जाणी जी।।
नाम लेतां तिरतां सुण्यां जग पाहण पाणी जी।
कीरत कांइ णा किया, घमआ करम कुमाणी जी।
गणका कीर पढ़ावतां, बैकुण्ठ बसाणी जी।
अधर नाम कुन्जर लयां, दुख अवध घटाणी जी।
गरुण छांड पग घाइयां, पसुजूबण पटाणीं जी।
अजांमेल अध ऊधरे, जम त्रास णसानी जी।
पुतनाम जम गाइयां, गज मारा जाणी जी।
सरणागत थे वर दिया, परतीत पिछाणी जी।
मीराँ दासी रावली, अपणी कर जाणी जी।।
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