Monday, 3 December 2018
बोलै सेख फरीदु पिआरे अलह लगे
बोलै सेख फरीदु पिआरे अलह लगे ॥
इहु तनु होसी खाक निमाणी गोर घरे ॥१॥
आजु मिलावा सेख फरीद टाकिम कूंजड़ीआ मनहु मचिंदड़ीआ ॥१॥ रहाउ ॥
जे जाणा मरि जाईऐ घुमि न आईऐ ॥
झूठी दुनीआ लगि न आपु वञाईऐ ॥२॥
बोलीऐ सचु धरमु झूठु न बोलीऐ ॥
जो गुरु दसै वाट मुरीदा जोलीऐ ॥३॥
छैल लंघंदे पारि गोरी मनु धीरिआ ॥
कंचन वंने पासे कलवति चीरिआ ॥४॥
सेख हैयाती जगि न कोई थिरु रहिआ ॥
जिसु आसणि हम बैठे केते बैसि गइआ ॥५॥
कतिक कूंजां चेति डउ सावणि बिजुलीआं ॥
सीआले सोहंदीआं पिर गलि बाहड़ीआं ॥६॥
चले चलणहार विचारा लेइ मनो ॥
गंढेदिआं छिअ माह तुड़ंदिआ हिकु खिनो ॥७॥
जिमी पुछै असमान फरीदा खेवट किंनि गए ॥
जालण गोरां नालि उलामे जीअ सहे ॥८॥२॥488॥
इहु तनु होसी खाक निमाणी गोर घरे ॥१॥
आजु मिलावा सेख फरीद टाकिम कूंजड़ीआ मनहु मचिंदड़ीआ ॥१॥ रहाउ ॥
जे जाणा मरि जाईऐ घुमि न आईऐ ॥
झूठी दुनीआ लगि न आपु वञाईऐ ॥२॥
बोलीऐ सचु धरमु झूठु न बोलीऐ ॥
जो गुरु दसै वाट मुरीदा जोलीऐ ॥३॥
छैल लंघंदे पारि गोरी मनु धीरिआ ॥
कंचन वंने पासे कलवति चीरिआ ॥४॥
सेख हैयाती जगि न कोई थिरु रहिआ ॥
जिसु आसणि हम बैठे केते बैसि गइआ ॥५॥
कतिक कूंजां चेति डउ सावणि बिजुलीआं ॥
सीआले सोहंदीआं पिर गलि बाहड़ीआं ॥६॥
चले चलणहार विचारा लेइ मनो ॥
गंढेदिआं छिअ माह तुड़ंदिआ हिकु खिनो ॥७॥
जिमी पुछै असमान फरीदा खेवट किंनि गए ॥
जालण गोरां नालि उलामे जीअ सहे ॥८॥२॥488॥
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