Thursday, 4 April 2019
जो न नक़्दे-दाग़े-दिल की करे शोला पासबानी Jo na nakde daage dil ki kare
जो न नक़्दे-दाग़े-दिल की करे शोला पासबानी
तो फ़ुसुर्दगी निहां है, ब कमीने-बे-ज़बानी
मुझे उस से क्या तवक़्क़ो ब ज़माना-ए-जवानी
कभी कूदकी में जिस ने न सुनी मेरी कहानी
यूं ही दुख किसी को देना नहीं ख़ूब, वरना कहता
कि मेरे अ़दू को या रब मिले मेरी ज़िंदगानी
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)
No comments :
Post a Comment