Thursday, 3 August 2017
दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें
दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें
जानेवाली चीज़ का ग़म क्या करें
पूरे होंगे अपने अरमां किस तरह
शौक़ बेहद वक्त है कम क्या करें
बक्श दें प्यार की गुस्ताख़ियां
दिल ही क़ाबू में नहीं हम क्या करें
तुंद ख़ू है कब सुने वो दिल की बात
ओर भी बरहम को बरहम क्या करें
एक सागर पर है अपनी जिन्दगी
रफ्ता- रफ्ता इस से भी कम क्या करें
कर चुको सब अपनी-अपनी हिकमतें
दम निकलता है ऐ मेरे हमदम क्या करें
दिल ने सीखा शेवा-ए-बेगानगी
ऐसे नामुहिरम को मुहिरम क्या करें
मामला है आज हुस्न-ओ-इश्क़ का
देखिए वो क्या करें हम क्या करें
कह रहे हैं अहल-ए-सिफ़ारिश मुझसे 'दाग़'
तेरी किस्मत है बुरी हम क्या करें
dil gaya tum ne liya ham kya karen
jaanevaalee cheez ka gam kya karen
poore honge apane aramaan kis tarah
shauq behad vakt hai kam kya karen
baksh den pyaar kee gustaakhiyaan
dil hee qaaboo mein nahin ham kya karen
tund khoo hai kab sune vo dil kee baat
or bhee baraham ko baraham kya karen
ek saagar par hai apanee jindagee
raphta- raphta is se bhee kam kya karen
kar chuko sab apanee-apanee hikamaten
dam nikalata hai ai mere hamadam kya karen
dil ne seekha sheva-e-begaanagee
aise naamuhiram ko muhiram kya karen
maamala hai aaj husn-o-ishq ka
dekhie vo kya karen ham kya karen
kah rahe hain ahal-e-sifaarish mujhase daag
teree kismat hai buree ham kya karen
जानेवाली चीज़ का ग़म क्या करें
पूरे होंगे अपने अरमां किस तरह
शौक़ बेहद वक्त है कम क्या करें
बक्श दें प्यार की गुस्ताख़ियां
दिल ही क़ाबू में नहीं हम क्या करें
तुंद ख़ू है कब सुने वो दिल की बात
ओर भी बरहम को बरहम क्या करें
एक सागर पर है अपनी जिन्दगी
रफ्ता- रफ्ता इस से भी कम क्या करें
कर चुको सब अपनी-अपनी हिकमतें
दम निकलता है ऐ मेरे हमदम क्या करें
दिल ने सीखा शेवा-ए-बेगानगी
ऐसे नामुहिरम को मुहिरम क्या करें
मामला है आज हुस्न-ओ-इश्क़ का
देखिए वो क्या करें हम क्या करें
कह रहे हैं अहल-ए-सिफ़ारिश मुझसे 'दाग़'
तेरी किस्मत है बुरी हम क्या करें
dil gaya tum ne liya ham kya karen
jaanevaalee cheez ka gam kya karen
poore honge apane aramaan kis tarah
shauq behad vakt hai kam kya karen
baksh den pyaar kee gustaakhiyaan
dil hee qaaboo mein nahin ham kya karen
tund khoo hai kab sune vo dil kee baat
or bhee baraham ko baraham kya karen
ek saagar par hai apanee jindagee
raphta- raphta is se bhee kam kya karen
kar chuko sab apanee-apanee hikamaten
dam nikalata hai ai mere hamadam kya karen
dil ne seekha sheva-e-begaanagee
aise naamuhiram ko muhiram kya karen
maamala hai aaj husn-o-ishq ka
dekhie vo kya karen ham kya karen
kah rahe hain ahal-e-sifaarish mujhase daag
teree kismat hai buree ham kya karen
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