Tuesday, 27 June 2017
आरजू है वफ़ा करे कोई
आरजू है वफ़ा करे कोई
जी न चाहे तो क्या करे कोई
गर मर्ज़ हो दवा करे कोई
मरने वाले का क्या करे कोई
कोसते हैं जले हुए क्या क्या
अपने हक़ में दुआ करे कोई
उन से सब अपनी अपनी कहते हैं
मेरा मतलब अदा करे कोई
तुम सरापा हो सूरत-ए-तस्वीर
तुम से फिर बात क्या करे कोई
जिस में लाखों बरस की हूरें हों
ऐसी जन्नत को क्या करे कोई
aarajoo hai vafa kare koee
jee na chaahe to kya kare koee
gar marz ho dava kare koee
marane vaale ka kya kare koee
kosate hain jale hue kya kya
apane haq mein dua kare koee
un se sab apanee apanee kahate hain
mera matalab ada kare koee
tum saraapa ho soorat-e-tasveer
tum se phir baat kya kare koee
jis mein laakhon baras kee hooren hon
aisee jannat ko kya kare koee
जी न चाहे तो क्या करे कोई
गर मर्ज़ हो दवा करे कोई
मरने वाले का क्या करे कोई
कोसते हैं जले हुए क्या क्या
अपने हक़ में दुआ करे कोई
उन से सब अपनी अपनी कहते हैं
मेरा मतलब अदा करे कोई
तुम सरापा हो सूरत-ए-तस्वीर
तुम से फिर बात क्या करे कोई
जिस में लाखों बरस की हूरें हों
ऐसी जन्नत को क्या करे कोई
aarajoo hai vafa kare koee
jee na chaahe to kya kare koee
gar marz ho dava kare koee
marane vaale ka kya kare koee
kosate hain jale hue kya kya
apane haq mein dua kare koee
un se sab apanee apanee kahate hain
mera matalab ada kare koee
tum saraapa ho soorat-e-tasveer
tum se phir baat kya kare koee
jis mein laakhon baras kee hooren hon
aisee jannat ko kya kare koee
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